F&O में सट्टेबाजी पर लगाम: सरकार ने बढ़ाया STT, छोटे निवेशकों को राहत की उम्मीद

दिल्ली। वायदा और विकल्प (F&O) बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी के चलते छोटे और खुदरा निवेशकों को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार ने प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ाने का फैसला किया है। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने रविवार को कहा कि STT बढ़ाने का मकसद सट्टेबाजी की प्रवृत्तियों पर रोक लगाना और बाजार में प्रणालीगत जोखिम (Systemic Risk) को नियंत्रित करना है।
बजट प्रस्ताव के अनुसार वायदा अनुबंधों पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया जाएगा। वहीं विकल्प सौदों पर STT को बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव है। फिलहाल विकल्प प्रीमियम पर 0.1% और विकल्प एक्सरसाइज पर 0.125% STT लागू है।
बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रीवास्तव ने कहा कि F&O में सट्टेबाजी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान छोटे निवेशकों को उठाना पड़ रहा है। सेबी के अध्ययनों के मुताबिक F&O सेगमेंट में 90% से अधिक खुदरा निवेशक घाटे में रहते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई दरों के बाद भी STT लेनदेन की कुल मात्रा की तुलना में कम ही रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने में मदद करेगा, हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने विदेशी निवेशकों की भागीदारी पर असर की आशंका भी जताई है।





