कार्बन प्लांट हादसे में झुलसी 9 माह की बच्ची की मौत, कई मजदूर वेंटिलेटर पर

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगल कार्बन प्लांट में हुए हादसे में झुलसी 9 महीने की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई है। बच्ची का रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां उसने दम तोड़ दिया। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कई मजदूरों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
यह घटना खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में काम के दौरान हुई थी। बताया गया कि फर्नेस खोलते समय तेज दबाव के साथ आग बाहर निकल आई, जिसकी चपेट में पास में काम कर रहे मजदूर आ गए। हादसे में कुल आठ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे।
प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर काला तेल निकाला जाता है। आरोप है कि फर्नेस को ठंडा किए बिना ही खोल दिया गया था और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। लापरवाही के चलते यह गंभीर हादसा हुआ।
इस घटना में एक ही परिवार के चार सदस्य आग की चपेट में आए थे। इनमें 9 माह की भूमि खड़िया, साहेब लाल खड़िया, शिव खड़िया और उदासिनी खड़िया शामिल हैं। बच्ची करीब 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अन्य घायलों में कौशल पटेल, इंदीवर और प्रिया सारथी भी शामिल हैं, जो गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। सभी का इलाज रायपुर में जारी है और कई मजदूर वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
हादसे के बाद परिजनों की शिकायत पर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन की ओर से एफआईआर वापस लेने और बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित परिवारों ने मृत बच्ची के परिजनों को मुआवजा देने, घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।





