जनकपुर अस्पताल में सलाइन लगाने से 8 मरीजों की तबीयत बिगड़ी, संदिग्ध बैच पर प्रदेशभर में रोक

रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सलाइन ड्रिप चढ़ाने के बाद 8 मरीजों को तेज कंपकपी (सिवरिंग) होने की शिकायत सामने आई है। मरीज पेट दर्द, बुखार और दस्त की समस्या लेकर भर्ती हुए थे, लेकिन आईवी फ्लुड-आरएल और आईवी फ्लुड-डीएनएस लगाने के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। 27 जुलाई से 7 अगस्त के बीच यह घटनाएं हुईं।

जांच में पता चला कि यह दवाएं छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) से सप्लाई हुई थीं। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की रिपोर्ट के अनुसार, आईवी फ्लुड-आरएल उत्तर प्रदेश की विजन पेरेंटल प्राइवेट लिमिटेड और आईवी फ्लुड-डीएनएस महाराष्ट्र की हसीब फार्मास्युटिकल द्वारा बनाई गई थी। दोनों के संदिग्ध बैच (RL बैच नंबर CG240705033, DNS बैच नंबर CGF240383) पर तुरंत रोक लगा दी गई है।

सितंबर 2024 में अस्पताल को RL की 2000 और DNS की 1000 बोतल सप्लाई हुई थी। फिलहाल 1200 RL और 288 DNS बोतलें स्टॉक में हैं। CGMSC के अनुसार, 2024-25 में विजन पेरेंटल ने 23 लाख RL और हसीब ने 7.5 लाख DNS बोतलें सप्लाई कीं, जिनमें से अब 4000 RL और 4.24 लाख DNS बोतलें बची हैं।

केस स्टडी में 8 साल की बच्ची रीता, 27 वर्षीय ममता और 50 वर्षीय कुलसी बाई में RL लगाने के बाद तुरंत कंपकपी शुरू हुई। एक्सपर्ट डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार, 100 में से 1-2 मरीज में यह सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन 7-8 मामलों में एक साथ शिकायत मिलना दवा के अमानक होने का संकेत है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने तक इन बैचों के उपयोग पर रोक जारी रहेगी।

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