धुरंधर की चर्चा के बीच 74 साल के सुपरस्टार ने मारी बाजी, मामूट्टी की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास

इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की खूब चर्चा हो रही है। बड़े सितारों और दमदार परफॉर्मेंस के चलते फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। लेकिन इसी शोर-शराबे के बीच एक छोटी बजट की फिल्म ने चुपचाप बड़ा कारनामा कर दिखाया है। 74 साल के साउथ सुपरस्टार मामूट्टी की फिल्म ‘कलमकवल’ ने अपनी दमदार कहानी और अभिनय के दम पर सबको चौंका दिया है।
मामूट्टी की यह फिल्म महज 25 करोड़ रुपये के बजट में बनाई गई थी, लेकिन रिलीज के 11 दिनों में ही इसने दुनियाभर से करीब 74 से 75 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। फिल्म का भारतीय नेट कलेक्शन लगभग 32 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि ओवरसीज मार्केट से 36 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस हुआ है। कम बजट के मुकाबले शानदार कमाई के चलते फिल्म को ब्लॉकबस्टर माना जा रहा है और जल्द ही इसके 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
‘कलमकवल’ को जिथिन के. जोस ने निर्देशित किया है और इसे मामूट्टी की ही प्रोडक्शन कंपनी ने बनाया है। फिल्म में मामूट्टी लीड रोल में नजर आते हैं, जहां वह एक ऐसे किरदार को निभाते हैं जो कुछ लोगों के लिए हीरो है तो कुछ के लिए खौफनाक विलेन। कहानी दो राज्यों में रहस्यमय तरीके से गायब हो रही महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। इन घटनाओं की जांच के दौरान सस्पेंस, साइको थ्रिल और सीरियल किलर का एंगल दर्शकों को आखिर तक बांधे रखता है।
फिल्म में मामूट्टी के किरदार स्टेनली दास को लेकर लगातार सस्पेंस बना रहता है। वह पुलिस से जुड़ा हुआ दिखाई देता है और महिलाओं की हत्याओं के पीछे छिपे साइको किलर की तलाश करता है। कहानी में चूहे-बिल्ली का खेल, चौंकाने वाले मोड़ और मनोवैज्ञानिक तनाव फिल्म को खास बनाते हैं।
मामूट्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र उनके अभिनय पर कोई असर नहीं डालती। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मामूट्टी मलयालम सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं। तीन नेशनल अवॉर्ड, कई फिल्मफेयर और केरल स्टेट अवॉर्ड जीत चुके मामूट्टी को 1998 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। 74 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और परफॉर्मेंस दर्शकों को हैरान कर रही है।
धुरंधर जैसी बड़ी फिल्मों की आंधी के बीच ‘कलमकवल’ की कामयाबी यह साबित करती है कि मजबूत कहानी और सशक्त अभिनय के दम पर छोटी फिल्म भी बड़ा कमाल कर सकती है।





