4.93 करोड़ के स्विमिंग पूल निर्माण पर सवाल, दिशा गलत होने से नेशनल आयोजन पर संकट

भिलाई नगर निगम द्वारा प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम में करीब 4.93 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्विमिंग पूल के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और लगभग 5 फीट तक खुदाई भी हो चुकी है, लेकिन इसकी दिशा और स्थान को लेकर विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
स्विमिंग विशेषज्ञों का कहना है कि खुले स्विमिंग पूल का निर्माण उत्तर-दक्षिण दिशा में किया जाना चाहिए, ताकि सूरज की रोशनी सीधे तैराकों की आंखों पर न पड़े। जबकि यहां पूल पूर्व-पश्चिम दिशा में बनाया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिशा में इस तरह की गलती से न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ेगा, बल्कि भविष्य में यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करना भी संभव नहीं हो पाएगा। तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण न होने की स्थिति में यह स्विमिंग पूल सिर्फ एक साधारण जलाशय बनकर रह जाने का खतरा है।
निर्माण स्थल को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र डूब क्षेत्र में आता है और पास में कोसा नाला होने के कारण बारिश के मौसम में यहां पानी भर जाता है। बिना जमीन को ऊंचा किए सीधे खुदाई शुरू कर देने से भविष्य में यह स्थान जलभराव की समस्या से जूझ सकता है।
भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने भी निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है और यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो करोड़ों रुपए की यह परियोजना बेकार साबित हो सकती है।
वहीं, निगम के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उनका कहना है कि हर स्थल की भौगोलिक स्थिति अलग होती है और उसी के अनुसार निर्माण कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि स्वीकृत मानकों के अनुसार ही निर्माण किया जा रहा है और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।





