CSB Bank के शेयर में 22% गिरावट: क्या हैं वजहें?

पिछले महीने CSB बैंक के शेयर में करीब 22% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। जबकि बैंक की लोन बुक में गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग 50% है और गोल्ड लोन आमतौर पर हाई यील्ड व कम रिस्क वाला माना जाता है। ऐसे में गिरावट ने निवेशकों को चौंकाया है।
1. एसेट क्वालिटी में गिरावट
दिसंबर तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी कमजोर हुई।
•ग्रॉस और नेट NPA बढ़े
•स्लिपेज मुख्य रूप से SME सेगमेंट से आए
•क्रेडिट कॉस्ट बढ़ी
इन कारणों से मुनाफा लगभग फ्लैट रहा, जबकि बिजनेस ग्रोथ मजबूत थी।
2. मार्जिन गाइडेंस में कटौती
मैनेजमेंट ने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का गाइडेंस 4% से घटाकर 3.7–3.9% कर दिया।
डिपॉजिट के लिए बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण फंड की लागत में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है, जिससे भविष्य की कमाई पर दबाव रह सकता है।
3. मजबूत ग्रोथ, लेकिन बढ़ता जोखिम
•नेट एडवांस में साल-दर-साल 28% ग्रोथ (इंडस्ट्री ~14%)
•गोल्ड लोन में 46% ग्रोथ
•डिपॉजिट में 21% ग्रोथ (इंडस्ट्री ~13%)
•क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 92% तक पहुंचा
उच्च CD रेश्यो बताता है कि बैंक आक्रामक लेंडिंग कर रहा है, जो जोखिम बढ़ा सकता है।
गोल्ड लोन पर निर्भरता
गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 50% है।
•यील्ड: 11–11.5%
•कम क्रेडिट कॉस्ट
•मॉडरेट रिस्क वेट
हालांकि, अगर सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आती है तो गोल्ड लोन वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है।
संभावित मर्जर फैक्टर
CSB बैंक का प्रमोटर Fairfax Financial है, जो IDBI Bank के लिए संभावित बोलीदाता माना जा रहा है।
अगर IDBI के साथ मर्जर की दिशा में कदम बढ़ते हैं, तो शेयर में उतार-चढ़ाव संभव है।
क्या निवेश करना चाहिए?
•लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट को अवसर मान सकते हैं।
•शॉर्ट टर्म में NPA और मार्जिन दबाव चिंता का विषय है।
•अगली तिमाही में NPA सुधार पर नजर रहेगी।
20 फरवरी को शेयर 3% गिरकर ₹385.65 पर बंद हुआ।
गिरावट की मुख्य वजह कमजोर एसेट क्वालिटी और मार्जिन गाइडेंस में कटौती है, न कि गोल्ड लोन बिजनेस की कमजोरी। Long-term निवेश से पहले जोखिम सहनशीलता और बैंक के अगले नतीजों पर ध्यान देना जरूरी है।





