18 दुकानें नहीं हटीं, 108 आरा मशीनों की शिफ्टिंग भी अटकी…

भोपाल: शहर में मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण को शुरू करने में कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। इसकी अड़चनों को दूर करने में नगर निगम, जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुस्ती बरती जा रही है। यही कारण है कि काम में लेटलतीफी हो रही है।

दरअसल अब तक न तो 18 दुकानें हटाई गई हैं और न ही 108 आरा मशीनों की शिफ्टिंग का काम शुरू हो सका है। जबकि पूर्व में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह कई बार इन बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दे चुके हैं।

18 एकड़ जमीन में होना है शिफ्टिंग

अधिकारी निरीक्षण करते हुए।

मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण का काम शुरू करने के लिए आजाद नगर की कुल 108 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाना है। इसके बाद ही बरखेड़ी फाटक से भारत टाकीज तक काम शुरू हो सकेगा। इन्हें शिफ्ट करने के लिए परवलिया सड़क स्थित छाेटा रातीबड़ में 18 एकड़ जमीन दी गई है। जहां साढ़े पांच करोड़ रुपये से बिजली, सड़क, पानी सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित किया जाना है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीपीआर और नक्शा तैयार हो गया है। काम के लिए टेंडर निकाले गए हैं, जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

यहां से हटाई जाना है दुकानें

पुल बाेगदा आजाद मार्केट में कुल 18 पक्की दुकानों को तोड़ा जाना है। इनके मालिकों को 29 अक्टूबर तक का समय दिया था लेकिन अब तक यह नहीं हटाई गई है।इसी बीच दीपावली पर एसडीएम की अदला-बदली की वजह से यह काम अटक गया है और मेट्रो के दूसरे चरण का काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है। बता दें कि दूसरे चरण में सुभाष नगर डिपो से करोंद तक कुल आठ किलाेमीटर लाइन बिछाई जाना है। यह काम दो हिस्सों में होगा और करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

यहां बनेंगे स्टेशन और इन क्षेत्र में होगी भूमिगत लाइन

शहर के पुल बोगदा, ऐशबाग,सिंधी कालोनी,डीआइजी बंगला,कृषि उपज मंडी, करोंद में मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है। तो वहीं सिंधी कालोनी, ऐशबाग क्रासिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ती हुई भूमिगत लाइन बिछाई जाएगी। यह काम शुरू होने के बाद साढ़े तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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