ओडिशा में 11 माओवादियों का आत्मसमर्पण, 63 लाख से अधिक का था इनाम

भवानीपटना। ओडिशा के कालाहांडी जिला के भवानीपटना में माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। यहां 11 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल मिलाकर 63 लाख 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
इससे पहले 11 मार्च को बस्तर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया था। इन पर 3 करोड़ 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसी दौरान ओडिशा में भी 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिन पर 1 करोड़ 65 लाख 62 हजार रुपये का इनाम था।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी लंबे समय से सुरक्षा बलों की तलाश में थे। ये सभी रायगढ़ा के घुमसार एरिया कमेटी में सक्रिय थे और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं। रविवार को भवानीपटना में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सभी माओवादियों ने अपने हथियार डाल दिए।
आत्मसमर्पण के दौरान जमा किए गए हथियार
आत्मसमर्पण के समय माओवादी अपने साथ कई हथियार भी लेकर आए, जिनमें एके-47, इंसास और एसएलआर जैसे आधुनिक हथियार शामिल थे। कुल 11 हथियार पुलिस के हवाले किए गए।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के नाम
- नकुल उर्फ चंद्र – डीवीसीएम (AK-47)
- जीतू – एसीएम (SLR)
- सुनीता – एसीएम (SLR)
- रोनोटी – एसीएम (12 बोर)
- रंजनी – एसीएम (SLR)
- मडकम संध्या – पीएम (इंसास)
- बीजू – पीएम (SLR)
- प्रमेश – पीएम (हथियार नहीं)
- नंदिनी – पीएम (हथियार नहीं)
- माड़वी समीरा – पीएम (सिंगल शॉट)
- सिंधु – पीएम (सिंगल शॉट)
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लगातार चल रहे ऑपरेशन और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण कई माओवादी अब मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुन रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसे माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली नेटवर्क को भी झटका लग सकता है।





