बीजापुर में 103 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, मिला अब तक का सबसे बड़ा सरेंडर

बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर जिले में आज 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इसे प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण बताया जा रहा है। सरेंडर करने वालों में संगठन के कई बड़े नेता और पदाधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की नई पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी का समाज की मुख्यधारा में स्वागत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस आत्मसमर्पण में कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं, जिनमें डीव्हीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, एरिया कमेटी सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार के पदाधिकारी भी रहे। कुल 49 इनामी नक्सलियों समेत 103 नक्सलियों ने हथियार छोड़ दिए।
आंकड़े बताते हैं कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन की ताकत लगातार घट रही है। केवल 2025 में ही अब तक 410 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 421 गिरफ्तार हुए हैं।
नक्सलियों के सरेंडर के पीछे मुख्य कारण हैं – विकास कार्यों की तेजी, संगठन से मोहभंग, शीर्ष नेताओं की मौत या समर्पण, संगठन में शोषण और सुरक्षा बलों की लगातार दबावपूर्ण कार्रवाई।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बाकी नक्सलियों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर शासन की पुनर्वास नीति का लाभ लें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।





