छत्तीसगढ़ में कमर्शियल गैस की सप्लाई सीमित, सरकार ने कहा—घरेलू LPG का पर्याप्त स्टॉक; शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते छत्तीसगढ़ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित कर दी गई है। इसका असर मुख्य रूप से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ रहा है। हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है।
घरेलू एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के लिए मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। साथ ही आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। परीक्षाओं के समय स्कूलों और छात्रावासों को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार होटल और अन्य संस्थानों को सीमित मात्रा में लगभग 15 प्रतिशत तक कमर्शियल गैस की सप्लाई दी जा सकती है।
जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग और अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग और गैस वितरकों की बैठक लेकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और लोगों को घबराकर सिलेंडर जमा करने की जरूरत नहीं है। जिले में लगभग 4.80 लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं और प्रतिदिन करीब 5 हजार सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
रायपुर में भी गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने गैस एजेंसियों और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग जिले में भी प्रशासन ने गैस आपूर्ति की समीक्षा की है। अधिकारियों के अनुसार जिले में लगभग चार लाख गैस कनेक्शन हैं और प्रतिदिन करीब 9750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर केवल आवश्यक संस्थानों को ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रायगढ़ जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से होटलों और भोजनालयों में औचक निरीक्षण भी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गैस को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक में सिलेंडर जमा न करें। राज्य में घरेलू एलपीजी गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।





