छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाएं, नई सड़कें और ब्रिज बनेंगे

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में अब सड़कों का जाल और मजबूत होगा। राज्य की अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस बैठक में कई बड़ी सड़क योजनाओं को मंजूरी मिली है। सबसे खास बात यह रही कि केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में कई नई सड़कें बनेंगी और पुरानी सड़कों को बेहतर किया जाएगा।
बैठक में रायपुर शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने के लिए चार नए ब्रिज बनाने का भी फैसला हुआ है। इनका भूमि पूजन जल्द किया जाएगा। इसके साथ ही रायपुर से दूसरे जिलों तक जाने वाली सड़कों को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा, जिससे यात्रा आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
अब से सभी सड़क योजनाएं ‘गति शक्ति पोर्टल’ के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी, ताकि उन्हें जल्दी मंजूरी मिल सके।
बैठक में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) के बीच 95 किलोमीटर लंबी छह लेन की सड़क बनाने के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) भेजने को कहा। यह सड़क उद्योग, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों को जोड़ेगी। नागपुर से रायपुर तक बनने वाले 300 किमी लंबे समृद्धि एक्सप्रेसवे के लिए भी डीपीआर जल्द मांगा गया है।
इसके अलावा कुछ अन्य योजनाओं को भी मंजूरी मिली है:
राष्ट्रीय राजमार्ग 130A, 43 और 30 पर करीब 116 करोड़ रुपये के उन्नयन और मजबूतीकरण कार्य।
बिलासपुर शहर में 15 किमी सड़क निर्माण।
कटनी-गुमला मार्ग में 11 किमी सड़क जो गांवों को जोड़ेगी।
केशकाल में 4 किमी पहाड़ी सड़क की मजबूतीकरण।
बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री साय ने कहा, “सड़कें केवल यात्रा का माध्यम नहीं हैं, ये विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव की राह हैं।” उन्होंने बताया कि ‘अँजोर विजन 2047’ के तहत सरकार हर गांव और हर नागरिक को अच्छी और पर्यावरण के अनुकूल सड़क सुविधा देना चाहती है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी शामिल थे।





